हरे परिवेश में अगर कुछ है तो वो है नव ग्रह जो आकाश मण्डल में मंडरा रहे हैं, हमारे सुख दुःख, अमीरी, गरीबी, सन्तान, प्यार, मान सम्मान , पड़ प्रतिष्ठा, सब जिम्मेदार नव ग्रह ही है ।
है कोई बृहद पूछा नही कर सकता य नही करवा सकता पर एक छोटा सा प्रयास किया जा सकता है।
हमें नव ग्रह शान्ति मन्त्र रोज जाप य पाठ करना चाहिए , मैं ये नही कहता कि जादू होगा लेकिन कुछ दिन करने के बाद Aपको किसी से पूछने की आवश्यकता नही रहेगी । आपने क्या किया है व उसका परिणाम क्या आ रहा है।
नवग्रह मंत्र
ॐ ब्रह्मामुरारि त्रिपुरान्तकारी भानु: शशि भूमिसुतो बुध च। गुरु च शुक्र: शनि राहु केतव: सर्वेग्रहा: शान्ति करा: भवन्तु ।।
इस मंत्र को ध्यानपूर्वक जाप करें पूजन करें प्रतिदिन ।
हो सके तो स्वयं आमस्या व पूर्णिमा को 21 आहुति इस मंत्र से करे व जीवन का आसान बनाये ।
हमें एक बार पुनः बेद, हवन, पूजन सनातन की तरफ लौटना होगा
अगर आपको कोई समस्या है तो तुरन्त मुझसे बाग करें व निश्चित समाधन प्राप्त करें ।
धन्यवाद ।